विश्व समाज कार्य दिवस पर विश्वविद्यालय में सेवा, सम्मान और जागरूकता का संगम।
विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को दी स्वास्थ्य संबंधी सलाह, छात्रों में भी बढ़ी सामाजिक जिम्मेदारी।

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर में विश्व सामाज कार्य दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। “स्वास्थ्य, सम्मान और स्नेह” विषय पर आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में बुजुर्गों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराई और विशेषज्ञों से परामर्श लिया।
यह आयोजन समाज कार्य विभाग एवं जीजीवी श्रवण लाइन द्वारा भारतीय जैन संगठन (छत्तीसगढ़) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, चिकित्सकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल के स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के साथ हुई। इस मौके पर अतिथियों का स्वागत बैच, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया गया।

इस दौरान कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. शैलेंद्र कुमार, सामाजिक विज्ञान संकाय प्रो. राम कृष्ण प्रधान, समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना यादव, भारतीय जैन संगठन (छत्तीसगढ़) से राष्ट्रीय महासचिव पंकज चोपड़ा, संरक्षक एस. के. जैन, विमल चोपड़ा, राज्य सचिव अमरेश जैन, अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता जैन, पराग जैन एवं प्रतिभा जे. मिश्रा, डॉ. संज्ञा त्रिपाठी, सुमन लकड़ा, डॉ सन्दीप मोरिशेट्टी, सागर राजपूत, संतोष सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ छात्रों और एनजीओ के बीच संवाद, पोस्टर प्रेजेंटेशन और रंगोली प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

इस खास मौके पर कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके स्वास्थ्य और सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कही।
कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में सामाजिक चेतना विकसित करते हैं और विश्वविद्यालय को समाज से जोड़ते हैं। वहीं पंकज चोपड़ा ने समाज सेवा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

एस. के. जैन और विमल चोपड़ा ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। राज्य सचिव अमरेश जैन ने जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत पर बल दिया।
इस अवसर पर समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना यादव ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य जांच नहीं, बल्कि बुजुर्गों को सम्मान और अपनापन देना भी है।उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्गों की भूमिका को सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार किए जाने चाहिए और यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा छात्रों के लिए एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने के तरीके बताए गए। साथ ही बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान के महत्व पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

शिविर में पहुंचे वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और जरूरी चिकित्सकीय सलाह प्राप्त की। इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी और कई सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके साथ ही कार्यक्रम में ज्येष्ठ नागरिक संघ बिलासपुर की सचिव डॉ. सत्यभामा अवस्थी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा शुभांकर विश्वास (स्टेट हेड, हेल्प एज इंडिया), एडवोकेट दिव्या जायसवाल (कानूनी मार्गदर्शन केंद्र, बिलासपुर) और डॉ. दिनानाथ यादव (समाज कार्य विभाग, मैथ्स यूनिवर्सिटी, रायपुर) ने भी अपनी सहभागिता दी।

