बिलासपुर। प्रगतिशील लेखक संघ के वरिष्ठ संरक्षक मुमताज भारती के रायगढ़ से बिलासपुर आगमन पर ईवनिंग टाइम्स परिसर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें समकालीन वैश्विक परिस्थितियों पर गंभीर विमर्श हुआ। गोष्ठी का केंद्र बिंदु वर्तमान में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और उसके विश्वव्यापी प्रभाव रहे।
मुमताज भारती ने अपने विचार रखते हुए इस संघर्ष को “आरोपित युद्ध” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के युद्ध केवल क्षेत्रीय नहीं होते, बल्कि इनके दूरगामी प्रभाव पूरी दुनिया को प्रभावित करते हैं। युद्ध के कारण उत्पन्न मानवीय संकट, विस्थापन और असुरक्षा ने वैश्विक व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि युद्ध के पीछे छिपे आर्थिक और सामरिक हित, पूंजीवादी संरचना के अंतर्विरोधों को सामने लाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का समय केवल सूचना का नहीं, बल्कि सही समझ और दृष्टिकोण का है। ऐसे दौर में बुद्धिजीवियों, लेखकों और मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे समाज को तथ्यों पर आधारित और संतुलित दृष्टि प्रदान करें। उन्होंने वर्गीय चेतना, वैचारिक स्पष्टता और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक संघर्षों का प्रभाव भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और सामाजिक संरचना पर भी पड़ता है। इसलिए इन मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर संवाद और जागरूकता बेहद आवश्यक है। चर्चा के दौरान मीडिया की भूमिका, सूचना की विश्वसनीयता और जनमत निर्माण जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार साझा किए गए।
कार्यक्रम में रफीक खान, नरेश अग्रवाल, अरुण दाभडकर, डॉ. सत्यभामा अवस्थी, सचिन शर्मा, मुश्ताक मकवाना, कपूर वासनिक, मधुकर गोरख और हर्ष सिंह सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने दृष्टिकोण से विषय को समृद्ध किया।

