वायरल वीडियो के बाद सतनामी समाज में उग्र विरोध, थाने का घेराव कर की थी गिरफ्तारी की मांग।
कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों की नारेबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा, SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सतनामी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को तखतपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कथावाचन के दौरान उन्होंने समाज को “मूर्ख” और “गाय काटने वाला” कहकर संबोधित किया था। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और मामला अचानक गरमा उठा।
दरअसल, 11 नवंबर को तखतपुर के गुलजार नगर, पकरिया रोड स्थित कथा स्थल पर चल रही कथा के दौरान दिया गया यह बयान सतनामी समाज को गंभीर रूप से आहत कर गया। अगले ही दिन, 12 नवंबर को समाज के सैकड़ों लोग तखतपुर थाने पहुंच गए। उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए कथावाचक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। समाज के लोगों का कहना था कि व्यासपीठ से इस तरह की टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है, बल्कि समाज में फूट डालने का भी काम करती है।
विवाद बढ़ने का अंदेशा देखते हुए पुलिस ने तखतपुर के कथा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी। पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण था, इसलिए पुलिस किसी भी स्थिति को काबू में रखने के लिए सतर्क रही।

15 नवंबर को कथा और हवन पूरा होने के बाद पुलिस ने आशुतोष चैतन्य को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बिलासपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन यहां भी तनाव कम नहीं हुआ। अदालत परिसर में सतनामी समाज और हिंदू संगठनों के लोग आमने-सामने आ गए और नारेबाजी शुरू हो गई। बढ़ते शोर-शराबे और संभावित टकराव को देखते हुए पुलिस और अधिवक्ताओं को बीच में उतरकर माहौल शांत कराना पड़ा। जिसके बाद भीड़ पर काबू पाया गया।
बहरहाल पुलिस ने इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट के तहत गैर-जमानती धाराओं में अपराध दर्ज किया है। न्यायालय ने आशुतोष चैतन्य महाराज को 11 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

