22.9 C
New York
Tuesday, August 11, 2026

Buy now

छात्रवृत्ति में देरी पर प्रमुख सचिव सख्त, बोले.. पात्र बच्चों को समय पर मिले योजना का लाभ..

संस्था प्रमुखों की बैठक बुलाकर छात्रवृत्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश।

13 से 15 अगस्त तक गांवों में होगी जनसुनवाई, पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों को समन्वय के निर्देश।

बिलासपुर। आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सोमवार को बिलासपुर संभाग में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। कलेक्टर परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में हुई बैठक में उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने छात्रवृत्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित समय-सीमा में छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए संबंधित संस्था प्रमुखों की बैठक बुलाकर लंबित मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों को समय पर पठन सामग्री और गणवेश उपलब्ध कराने की स्थिति भी देखी गई।

बैठक में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 13 से 15 अगस्त तक आदि सेवा केंद्रों में होने वाली जनसुनवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई। बोरा ने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनके निराकरण की कार्रवाई भी की जाए। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने पीएम जनमन योजना के तहत बनाए गए बहुउद्देशीय केंद्रों के संचालन, धरती आबा अभियान के स्वीकृत कार्यों, प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश व संचालन तथा विद्यार्थियों की कोचिंग के लिए संस्था चयन की जानकारी ली। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्य, विलेज वेरिफिकेशन सर्वे, प्रधानमंत्री अभ्युदय योजना, आदर्श ग्राम सर्वेक्षण, विद्यार्थी पोषण उपवन, पीएचडीटीजी सर्वे और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की स्थिति भी देखी गई।

बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, परियोजना प्रशासक और संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की नियमित निगरानी करें और मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें। शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल स्वीकृति देना नहीं, बल्कि उसका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

Home
Contact
Wtsp
Search