पूरे प्रदेश में रहेगा ड्राई डे, देशी-विदेशी शराब दुकान, होटल-बार, क्लब और रेस्टोरेंट में शराब परोसने पर पाबंदी।
अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर उड़नदस्तों की नजर, शहरों में मांस बिक्री पर रोक के आदेश जारी।
रायपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर शुक्रवार को पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस रहेगा। राज्य शासन ने इस दिन शराब की बिक्री और परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश की सभी देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा रेस्टोरेंट बार, होटल-बार, क्लब, अहाते और शराब बेचने अथवा परोसने वाले सभी प्रकार के लाइसेंसी प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी इस दिन नहीं खुलेंगी।
वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को शुष्क दिवस के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि शुष्क दिवस के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब अथवा अन्य प्रतिष्ठान या व्यक्ति को शराब बेचने अथवा परोसने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध गैरमालिकाना क्लबों, रेस्टोरेंट और स्टार होटलों पर भी समान रूप से लागू रहेगा।
शुष्क दिवस के दौरान केवल शराब की बिक्री ही नहीं, बल्कि मदिरा के व्यक्तिगत भंडारण और गैर-लाइसेंसी परिसरों में शराब रखने पर भी सख्ती रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर शराब जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इस दौरान अवैध शराब के परिवहन, संग्रहण और बिक्री पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला कार्यालयों के साथ संभागीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्तों को सक्रिय किया जाएगा। जांच दल अवैध शराब के संभावित संग्रहण स्थलों और संदिग्ध वाहनों की जांच करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शासन का उद्देश्य जन्माष्टमी के दिन शराब की अवैध बिक्री और आपूर्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।
इसी तरह नगरीय क्षेत्रों में मांस बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने 2 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में पूर्व में जारी विभिन्न आदेशों का उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर नगरीय निकायों की सीमा क्षेत्र के भीतर 4 सितंबर को मांस की बिक्री पर रोक लगाई गई है।

