बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध अब सड़क पर पहुंच गया है। बिलासपुर में भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने महारैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। गांधी चौक से शुरू हुई रैली में अभ्यर्थी बारिश में भीगते हुए पैदल नेहरू चौक तक पहुंचे। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
अभ्यर्थियों का मुख्य विरोध मुख्य परीक्षा के परिणाम में इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर है। CGPSC ने वर्ष 2025 में 265 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। वहीं मेंस परीक्षा के परिणाम के आधार पर 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चयनित किया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापित पदों के अनुपात में 1:3 के आधार पर अधिक अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। उनका दावा है कि 265 पदों के लिए अनुपात के हिसाब से 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था।
हालांकि, CGPSC की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि 795 के बजाय 608 अभ्यर्थियों का चयन निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं करने के कारण हुआ है। आयोग ने इसे परीक्षा प्रक्रिया में त्रुटि नहीं माना है।
इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही OMR की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने, मॉडल आंसर जारी करने, मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और इंटरव्यू प्रक्रिया में सुधार सहित कई मांगें रखी गई हैं।
बिलासपुर में निकली महारैली के दौरान मौसम भी अभ्यर्थियों के कदम नहीं रोक सका। भारी बारिश के बीच अभ्यर्थी गांधी चौक से नेहरू चौक तक पैदल पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। रैली के दौरान अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं और संबंधित स्तर पर जल्द कार्रवाई की मांग की।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर को रायपुर में भी प्रदर्शन किया गया था। अब उन्होंने सरकार और आयोग के सामने 30 सितंबर तक मांगों पर कार्रवाई का अल्टीमेटम रखा है। उनका कहना है कि निर्धारित समय तक समाधान नहीं होने पर आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।
अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार और CGPSC की अगली कार्रवाई पर है। एक ओर आयोग ने 608 अभ्यर्थियों के चयन को न्यूनतम अर्हकारी अंकों से जोड़ा है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और पुनर्मूल्यांकन समेत कई मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

