बिलासपुर। सीपत क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध रूप से रखी सागौन और खैर की लकड़ी के खिलाफ कार्रवाई की है। साजापाली सोंठी गांव में वन विभाग की टीम ने दबिश देकर 51 नग सागौन और 3 नग खैर के चिरान जब्त किए। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा करीब 0.506 घन मीटर बताई गई है। मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन अधिनियम के तहत वन अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वन विभाग को साजापाली सोंठी निवासी रुद्रनारायण, पिता कीर्तन लाल के पास लकड़ी रखे होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वन अमला मौके पर पहुंचा और जांच की। तलाशी के दौरान घर परिसर में सागौन और खैर के चिरान मिले। लकड़ी के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं दिखाए जाने पर टीम ने सभी 54 नग चिरान को जब्त कर लिया।

कार्रवाई के बाद जब्त लकड़ी को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी कहां से लाई गई थी। इसके साथ ही अवैध कटाई या लकड़ी के अवैध परिवहन से इसका कोई संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने सागौन और खैर जैसी कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई, परिवहन और भंडारण पर निगरानी बढ़ा दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जंगलों से होने वाली अवैध कटाई रोकने के लिए मैदानी अमले को लगातार जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध स्थानों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक मनोज पाण्डेय, वन मंडलाधिकारी नीरज कुमार और उप वन मंडलाधिकारी टीआर मरई के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा, परिक्षेत्र सहायक सोंठी भोजराम खूंटे सहित परिसर रक्षकों की भूमिका रही।

