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Sunday, February 8, 2026

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बगिया समृद्धि योजना से जशपुर में सिंचाई व्यवस्था का होगा आधुनिकीकरण, बनेगा देश का मॉडल प्रोजेक्ट 13 गांवों को मिलेगी आधुनिक सिंचाई सुविधा..

95.89 करोड़ की लागत से 4831 हेक्टेयर कृषि भूमि को जोड़ा जाएगा आधुनिक सिंचाई से..

सौर ऊर्जा, पाइप इरिगेशन और स्मार्ट तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय..

जशपुरनगर। जशपुर जिले में बगिया समृद्धि कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (MCAD) योजना के तहत सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक रूप देने की तैयारी तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को भविष्य में भारत के एक मॉडल सिंचाई प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।


इस संबंध में कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना के क्रियान्वयन और किसानों को मिलने वाले लाभों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर आलोक अग्रवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय पाठक, एफएओ (FAO) के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
परियोजना के अंतर्गत कांसाबेल विकासखंड के बगिया सहित 13 गांवों की कुल 4831 हेक्टेयर कृषि भूमि को आधुनिक सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस योजना में पारंपरिक नहर प्रणाली के बजाय प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे पानी की बचत होगी और सिंचाई अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी।


कलेक्टर रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में शामिल प्रत्येक किसान का नाम, भूमि रकबा और सिंचित-असिंचित क्षेत्र का पूरा विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि समृद्धि चौपाल के माध्यम से किसानों को योजना की जानकारी दी जाएगी और उन्हें फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि परियोजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
स्टेट नोडल ऑफिसर आलोक अग्रवाल ने बताया कि बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के लिए भारत सरकार ने 95.89 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। इस योजना से खरीफ और रबी दोनों मौसम में खेती को लाभ मिलेगा, जिससे किसानों की उत्पादकता और आय में बढ़ोतरी होगी।


परियोजना के तहत बिजली आपूर्ति सौर ऊर्जा से की जाएगी और जल प्रबंधन के लिए SCADA और IoT जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा। योजना का संचालन प्रारंभिक पांच वर्षों तक ठेकेदार द्वारा किया जाएगा, इसके बाद जिम्मेदारी जल उपभोक्ता समिति को सौंपी जाएगी, जिसमें महिलाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पानी की हर बूंद का बेहतर उपयोग, कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार लाना है।

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