12.5 C
New York
Wednesday, May 13, 2026

Buy now

बगिया एम-कैड योजना से जशपुर में सिंचाई का नया दौर, 13 गांवों की हजारों हेक्टेयर जमीन होगी सींचित..

आधुनिक पाइपलाइन और तकनीक से पानी की बचत, किसानों को सालभर मिलेगी सिंचाई।

करीब 119 करोड़ की परियोजना, जशपुर बन सकता है देश का मॉडल सिंचाई जिला।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी पहल शुरू हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया में “समृद्धि एम-कैड योजना” के तहत दाबित (प्रेशर) सिंचाई परियोजना की शुरुआत की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और कृषि मंत्री रामविचार नेताम समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य “हर बूंद से ज्यादा उत्पादन” हासिल करना है। इस प्रोजेक्ट के जरिए जशपुर को आधुनिक सिंचाई का एक राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इस योजना में पारंपरिक नहरों की जगह अब भूमिगत पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और खेतों तक सीधे और सही मात्रा में पानी पहुंच सकेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों को अब सिर्फ बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि पूरे साल सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी।

इस परियोजना से कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर के 13 गांवों की करीब 4933 हेक्टेयर जमीन को फायदा मिलेगा। इसमें बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड और ढुढुडांड जैसे गांव शामिल हैं।

यह परियोजना मैनी नदी पर बने बैराज के जरिए लागू की जा रही है। इसकी कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है, जिसमें से करीब 95.89 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने मंजूर किए हैं।

योजना में सौर ऊर्जा, SCADA और IoT जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे यह तय किया जा सकेगा कि किस खेत में कब और कितना पानी देना है। इससे पानी का सही उपयोग होगा और खेती ज्यादा लाभकारी बनेगी।

स्टेट नोडल ऑफिसर आलोक अग्रवाल ने बताया कि इस योजना की शुरुआत अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में की गई थी। इसे अगले 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआत के 5 साल तक इसकी रखरखाव ठेकेदार करेगा, उसके बाद जल उपभोक्ता समिति इसकी जिम्मेदारी संभालेगी, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी होगी।

सरकार का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

 

 

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

Home
Contact
Wtsp
Search