जगदलपुर। बस्तर संभाग मुस्लिम समाज के अध्यक्ष और ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी वसीम अहमद ने कहा है कि 8 जिलहिज्जा के मुकद्दस दिन से हज का सबसे महत्वपूर्ण और रूहानी मरहला शुरू होने जा रहा है। इस दिन दुनिया भर से आए लाखों हाजी “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक” की सदाओं के साथ मीना की ओर रवाना होंगे और हज के अहम अरकान अदा करेंगे।
उन्होंने बताया कि हज इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक है। यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सब्र, कुर्बानी, भाईचारे, बराबरी और अल्लाह की इबादत का महान संदेश भी देता है। मीना की ओर होने वाला यह सफर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी, हजरत हाजरा अलैहिस्सलाम के सब्र और हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम की फरमाबरदारी की याद दिलाता है।

हाजी वसीम अहमद ने कहा कि हज का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि यहां दुनिया भर के मुसलमान एक ही मकसद के साथ अल्लाह के दरबार में हाजिर होते हैं। वहां न कोई अमीर होता है और न गरीब, न कोई बड़ा और न छोटा। सभी एक जैसे लिबास में अल्लाह के सामने खड़े होकर इंसानियत, बराबरी और उम्मत की एकता की मिसाल पेश करते हैं।
उन्होंने हज पर गए सभी आज़मीन-ए-हज से अपील की कि वे अपने देश, प्रदेश, बस्तर संभाग और पूरी दुनिया में अमन, खुशहाली, भाईचारे और इंसाफ के लिए खास दुआ करें। साथ ही उन्होंने मुस्लिम समाज से भी आग्रह किया कि हज के इस पाक मौके पर अपने भीतर मोहब्बत, रहमदिली और इंसानियत की भावना को मजबूत करें तथा समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा दें।
अपने संदेश में हाजी वसीम अहमद ने दुआ की कि अल्लाह तआला सभी हाजियों का सफर आसान बनाए, उनकी इबादतों और दुआओं को कबूल फरमाए, उन्हें हज-ए-मबरूर की नेमत अता करे और सलामती के साथ अपने वतन वापस लौट आए।

