जांजगीर-चांपा। सरकारी कर्मचारी के वेतन एरियर की राशि निकालने के बदले रिश्वत मांगना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी की प्राचार्य और बाबू को भारी पड़ गया। एसीबी बिलासपुर की टीम ने गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई करते हुए प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 विकास मसीह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
दरअसल, पूरा मामला स्कूल में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी मनीष राठौर की शिकायत से जुड़ा है। मनीष ने एसीबी को बताया था कि साल 2022 से जून 2026 तक की वेतन वृद्धि का करीब 80 हजार रुपये एरियर निकालने के लिए प्राचार्य ने उससे 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में 10 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले आरोपों का सत्यापन किया और फिर ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत मनीष रिश्वत की रकम लेकर प्राचार्य के पास पहुंचा। आरोप है कि प्राचार्य ने रकम खुद लेने के बजाय उसे स्कूल के बाबू विकास मसीह को देने के लिए कहा।
जैसे ही विकास मसीह ने 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। इसके बाद प्राचार्य अंजुला सोनी को भी गिरफ्तार किया गया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई।
एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। यह एसीबी बिलासपुर की लगातार 56वीं ट्रैप कार्रवाई है।

