छत्तीसगढ़ के लिए अमित शाह का बड़ा विजन- नवा रायपुर में 5 लाख पीपल, बस्तर को वैश्विक पर्यटन पहचान दिलाने की तैयारी..

राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री का बड़ा संदेश- अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा.. नक्सलमुक्त प्रदेश को देश के टॉप-3 पर्यटन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य।

रायपुर। नक्सलवाद के लंबे साये से बाहर निकलकर छत्तीसगढ़ अब विकास, समृद्धि और नई पहचान की ओर कदम बढ़ा रहा है। कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर में अब विकास की नई इबारत लिखने और प्रदेश को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने की तैयारी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में प्रदेश के विकास का बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाने की घोषणा करते हुए इसे दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण अनुकूल ‘पीपल सिटी’ बनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ आने वाले दिनों में देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल होगा।

राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के लिए प्रदेश की जनता, विशेषकर आदिवासी भाई-बहनों को बधाई दी। उन्होंने इस सफलता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके साहस, परिश्रम और बलिदान का परिणाम है। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को सत्ता में लाया और सरकार ने दो महीने के भीतर प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने का संकल्प लिया था। आज यह संकल्प सिद्ध हो चुका है। अब सरकार का अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित, समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

अटल जी ने बनाया छत्तीसगढ़, मोदी जी ने संवारा..

केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा देकर यहां के लोगों को अपनी स्वतंत्र पहचान दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ लंबे समय तक अन्याय हुआ और विकास की संभावनाएं होने के बावजूद प्रदेश अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया। अटल जी ने राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का काम किया है। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोककला, परंपराएं और प्राकृतिक संपदा भी प्रदेश की बड़ी ताकत हैं।

नक्सलवाद ने छीना बच्चों से भविष्य, अब बस्तर में विकास की नई सुबह..

नक्सलवाद के दुष्परिणामों पर कड़ा प्रहार करते हुए अमित शाह ने कहा कि जिस छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक गलियारा बनना चाहिए था, वहां रेड कॉरिडोर बन गया। जिन जंगलों में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों की गूंज होनी चाहिए थी, वहां बारूदी सुरंगें बिछा दी गईं। बच्चों के हाथों में कलम और किताब की जगह बंदूक थमा दी गई और जहां स्कूलों की घंटियां बजनी चाहिए थीं, वहां स्कूलों की इमारतें उड़ा दी गईं। उन्होंने मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से सवाल किया कि क्या मानवाधिकार सिर्फ बंदूक लेकर विकास रोकने वालों का है या गरीब आदिवासियों का भी कोई मानवाधिकार है? उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा में जिन लोगों ने अपने हाथ-पैर गंवाए, मोदी सरकार उन्हें कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर फिर से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है।

हथियार डालने वालों को मुख्यधारा में लाने की नीति, 90 प्रतिशत ने किया आत्मसमर्पण..

नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति पर बात करते हुए शाह ने कहा कि सरकार ने साफ संदेश दिया था कि हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा, लेकिन हिंसा का रास्ता चुनने वालों से सुरक्षा बल मुकाबला करेंगे। उन्होंने कहा कि केवल अपील करने से हिंसा समाप्त नहीं होती, इसके लिए स्पष्ट नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि सरकार की इस नीति के परिणामस्वरूप 90 प्रतिशत नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 10 प्रतिशत मारे गए। उन्होंने CAPF और छत्तीसगढ़ पुलिस के योगदान को इस सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।

राहुल गांधी की मॉक पार्लियामेंट पर अमित शाह का हमला, SIR पर विशेष सत्र की चुनौती..

समारोह के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने नक्सलियों की कथित ‘जनताना सरकार’ का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष पहले गैर-संवैधानिक समानांतर व्यवस्था का समर्थन करता रहा और अब मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर देश की संसद का मखौल उड़ा रहा है। शाह ने कहा कि हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का सम्मान नहीं होता, बल्कि व्यक्ति का आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए।

उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार है। उन्होंने कहा कि संसद को चलने दिया जाना चाहिए और विपक्ष को सदन में चर्चा करनी चाहिए। अमित शाह ने कहा कि देश की जनता के सामने चर्चा होने पर सच और झूठ का अंतर स्पष्ट हो जाएगा।

नवा रायपुर बनेगा दुनिया की सबसे बड़ी पीपल सिटी, लगाए जाएंगे 5 लाख पेड़..

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी योजना का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे। इसके माध्यम से नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की परिकल्पना रखी। यह पहल शहर की हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

चित्रकोट से बस्तर दशहरा तक, पर्यटन के क्षेत्र में टॉप-3 में पहुंचेगा छत्तीसगढ़..

अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं खुलेंगी। आने वाले दिनों में प्रदेश को देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है। उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी मंदिर, मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थलों में देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक उत्सव प्रदेश को वैश्विक पर्यटन पहचान दिला सकते हैं।

सरकार की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी, अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी का दावा..

राज्य सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कम समय में मोदी की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी की हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी होने, धान खरीदी तथा कृषि, वनोपज, पशुपालन और एमएसएमई क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख किया। शाह ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ का वार्षिक बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 25 गुना बढ़ा है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में संस्थानों की संख्या में वृद्धि और साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 79 प्रतिशत होने का भी उल्लेख किया।

अब धरती भी अमीर होगी और यहां के लोग भी समृद्ध होंगे..

अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के भविष्य को लेकर बड़ा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि छत्तीसगढ़ की धरती अमीर है, लेकिन यहां के लोग गरीब हैं। आने वाले दस वर्षों में यह तस्वीर बदल जाएगी। प्रदेश की धरती भी समृद्ध होगी और यहां के लोग भी खुशहाल होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ को भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, आदिवासी अंचलों में खुशहाली आए और प्रदेश की पहचान एक समृद्ध, सुरक्षित एवं विकसित राज्य के रूप में बने।

समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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