बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र की चौकी मल्हार अंतर्गत मनाडेरा रोड पर स्थित लीलागर नदी में 20 अगस्त को मोटरसाइकिल सहित नदी में गिरे दो युवकों की जान तीन युवाओं की बहादुरी और तत्परता से बच गई। तेज बहाव में दोनों युवकों को डूबता देख मनाडेरा निवासी मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट उर्फ करण ने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरने का साहस दिखाया।
दरअसल, चकरबेड़ा निवासी गुड़ा टंडन और दुर्गेश टंडन मोटरसाइकिल से लीलागर नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव की चपेट में आने से दोनों बाइक समेत नदी में जा गिरे और पानी में फंसकर डूबने लगे। मौके पर मौजूद मोहन लाल केवट और उनके साथियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। तीनों ने सूझबूझ दिखाते हुए लकड़ी की मदद से नदी में फंसे दोनों युवकों तक पहुंच बनाई और काफी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
समय रहते किए गए इस साहसिक प्रयास से दोनों युवकों की जान बच गई। संकट की घड़ी में अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने वाले मोहन, महेश और करण के इस कार्य की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। उनके साहस और मानवता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तीनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कार्य की सराहना की।

इस मौके पर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आना समाज के लिए प्रेरणादायी है। ऐसे साहसी लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट उर्फ करण को एसडीआरएफ की टीम के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाकर ‘जल मितान’ के रूप में तैयार करने की पहल की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि भविष्य में नदी-नालों में होने वाली घटनाओं के दौरान समय रहते लोगों की मदद की जा सके।
तीनों युवाओं ने जिस साहस, तत्परता और मानवता का परिचय दिया, वह न केवल दो जिंदगियां बचाने की मिसाल है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा भी देता है।

