कलेक्टर-एसएसपी की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक, त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने पर बनी सहमति।
सुरक्षा, यातायात, बिजली और साफ-सफाई की रहेगी विशेष व्यवस्था, विसर्जन के लिए रूट और पार्किंग स्थल होंगे निर्धारित।
बिलासपुर। आगामी ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) और गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, बिजली, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को लेकर विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक में नगर निगम को ईदगाह और प्रमुख मार्गों की साफ-सफाई के साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग को यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालने तथा सीएसईबी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान सड़कों पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित नहीं किया जाएगा। ईद-ए-मिलाद के दौरान भी इस व्यवस्था की विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना अनुमति पंडाल नहीं, CCTV भी अनिवार्य..
सभी पूजा समितियों और कमेटियों को पंडाल लगाने से पहले संबंधित थाना प्रभारी और एसडीएम से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। पूजा पंडालों और उनके आसपास CCTV कैमरे लगाना भी जरूरी होगा। पंडालों में पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने और समितियों द्वारा पुलिस को स्वयंसेवकों की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत तारों से किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरतने कहा गया है। गणेश पूजा पंडालों में मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गणेश विसर्जन के लिए रूट और पार्किंग तय होगी..
गणेश विसर्जन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा विसर्जन का रूट चार्ट और पार्किंग स्थल निर्धारित किए जाएंगे। सभी समितियों को विसर्जन स्थल और निर्धारित रूट की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को देने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को विसर्जन स्थल के साथ-साथ शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने को कहा गया है।

मंदिर-मस्जिद और संवेदनशील क्षेत्रों में रहेगी कड़ी निगरानी..
पर्वों के दौरान मंदिरों, मस्जिदों, गणेश पंडालों, संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। पुलिस विभाग को पूरे शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
भंडारा-लंगर में प्लास्टिक पर रोक..
प्रशासन ने पर्व के दौरान आयोजित होने वाले भंडारा और लंगर में प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए दोना-पत्तल के साथ पर्याप्त डस्टबिन की व्यवस्था करनी होगी। सड़क पर वाहन रोककर प्रसाद वितरण नहीं किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और आम लोगों को परेशानी न हो।
अस्पताल और बिजली विभाग को भी विशेष जिम्मेदारी..
जिला अस्पताल को पर्व के दौरान आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा विद्युत तारों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने कहा गया है। इसके अलावा अन्य संबंधित विभागों को भी उनकी जिम्मेदारियां सौंपते हुए पूरे पर्व के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन को दोनों पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का भरोसा दिलाया।
बैठक में एडीएम शिवकुमार बनर्जी,एडिशनल कमिश्नर नगर निगम खंजाची कुमार,एसडीएम मनीष साहू, संयुक्त कलेक्टर रजनी भगत, सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार सहित शांति समिति के सदस्य हबीब मेमन, इरशाद अली, मनजीत सिंह अरोरा, विकास शर्मा, विक्रांत केशरवानी, राजेश मिश्रा, प्रबीर सेन गुप्ता, प्रदीप कुमार शर्मा, सुधीर खण्डेलवाल, अनिल कुमार गौरहा सहित अन्य सदस्य और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

