नई दिल्ली में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सत्येंद्र सिंह से की मुलाकात।
शहरी योजनाओं की प्रगति की दी जानकारी, अमृत मिशन को सभी नगरीय निकायों में लागू करने और अतिरिक्त राशि देने का किया आग्रह।
रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने शुक्रवार को नई दिल्ली के ‘संकल्प भवन’ में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सत्येंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी ) 2.0 की प्रगति से अवगत कराने पर केंद्रीय सचिव ने राज्य में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसकी सराहना की। इस दौरान राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल भी मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी ) 1.0 के शेष कार्यों को विस्तारित कार्यावधि के भीतर पूरा कराने के लिए राज्य शासन द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
बैठक में श्री बोरा ने छत्तीसगढ़ में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं अर्बन चैलेंज फंड, मिशन अमृत 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी ) 2.0 की प्रगति से केंद्रीय सचिव को अवगत कराया। उन्होंने राज्य की ओर से इन योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत छत्तीसगढ़ के लिए केंद्र के 6,000 करोड़ रुपए के आवंटन में से 1,500 करोड़ रुपए की राशि आवंटन के लिए प्रावधानित की गई है। इस योजना के तहत रायपुर में गंज मंडी, टर्शियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नवीन मार्केट के पुनर्विकास और पुरानी म्युनिसिपल बिल्डिंग के पुनर्विकास तथा भिलाई-दुर्ग क्लस्टर में हाइब्रिड मॉडल पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के लिए परियोजनाओं का चिन्हांकन किया गया है। इन परियोजनाओं के लिए राज्य स्तर पर हुडको से वित्तीय सहायता और क्षमता विकास से संबंधित कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। श्री बोरा ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत निर्धारित समय-सीमा में भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
अमृत मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए जारी..
प्रमुख सचिव ने मिशन अमृत 2.0 के तहत चल रहे कार्यों की अद्यतन प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि चयनित कार्यों को चरणबद्ध तरीके से अगले डेढ़ वर्ष में पूरा करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार से प्राप्त 100 करोड़ रुपए की पूरी राशि के व्यय की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही उन्होंने अमृत मिशन की अग्रिम किस्त जारी करने का अनुरोध किया। अनुरोध पर केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ रुपए की राशि राज्य को जारी कर दी।
श्री बोरा ने ऐसे नगरीय निकायों, जहां अभी तक अमृत मिशन के तहत कार्ययोजना स्वीकृत नहीं हुई है, वहां भी मिशन लागू करने और इसके लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का आग्रह केंद्र सरकार से किया।
स्वच्छ भारत मिशन के कार्य समय पर पूरे करने पर जोर..
बैठक में श्री बोरा ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी ) 2.0 के घटकवार कार्यों की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय सचिव को दी। उन्होंने कहा कि मिशन की अवधि समाप्त होने में कम समय शेष है, इसलिए प्रगतिरत सभी कार्यों को विशेष कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रमुख सचिव ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के छोटे आकार और कम जनसंख्या घनत्व के कारण केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही जमीनी चुनौतियों से भी श्री सत्येंद्र सिंह को अवगत कराया। इस पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री सिंह ने राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की शहरी विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने, निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने और जरूरत के अनुसार वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

