बिलासपुर। लोको रनिंग स्टाफ की समस्याओं और कथित प्रताड़ना को लेकर बिलासपुर रेल मंडल में कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। बिजुरी में धरने का छठा दिन है, जबकि बिलासपुर सहित मंडल की सभी रनिंग लॉबियों के सामने कर्मचारियों के धरने का दूसरा दिन है। रनिंग स्टाफ ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन) पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की बात कही है।

हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि ट्रेन संचालन से पहले ही उन्हें दंडित करने और मानसिक रूप से परेशान करने का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों के मुताबिक, अपनी समस्या लेकर अधिकारी के चेंबर में जाना भी कई बार उनके लिए अपमान का कारण बन जाता है। उनका आरोप है कि अधिकारी से फोन पर बात करना तक गलत माना जाता है, जिससे कर्मचारी अपनी परेशानी बताने में भी डरने लगे हैं।

रनिंग स्टाफ का कहना है कि जब कर्मचारी अपने ही अधिकारी से बात करने से घबराएंगे, तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उनका आरोप है कि संवाद की कमी के कारण ऐसी समस्याएं भी बड़ी होती जा रही हैं, जिन्हें बातचीत के जरिए आसानी से सुलझाया जा सकता था।
कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उच्च अधिकारियों की ओर से अपेक्षित पहल नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से बातचीत कर समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

रनिंग स्टाफ के इस आंदोलन से रेल मंडल में कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच संवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर रेल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

