स्टाफ की कमी और 12-16 घंटे की ड्यूटी का आरोप.. सुरक्षा नियमों का पालन करने पर ट्रांसफर और कार्रवाई की शिकायत, कई क्रू लॉबियों के सामने प्रदर्शन।
बिलासपुर। हजारों यात्रियों और मालगाड़ियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने वाले लोको पायलट और रनिंग स्टाफ अब अपनी ही कार्य परिस्थितियों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। स्टाफ की कमी, लगातार लंबी ड्यूटी, पर्याप्त आराम नहीं मिलने और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बिलासपुर रेल मंडल में रनिंग स्टाफ ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। बिजुरी में पिछले पांच दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बाद अब बिलासपुर समेत मंडल की कई क्रू लॉबियों के सामने कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
रनिंग स्टाफ का आरोप है कि कर्मचारियों की कमी के कारण कई बार उन्हें 12 से 16 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। लंबी ड्यूटी के बाद पर्याप्त आराम नहीं मिलने के बावजूद ट्रेनों का संचालन करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ उनके स्वास्थ्य और काम के दबाव से जुड़ी नहीं है, बल्कि ट्रेन संचालन की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर है।
‘नियमों से काम करें तो भी कार्रवाई का डर’..
कर्मचारियों का सबसे बड़ा आरोप शंटिंग और संरक्षा नियमों को लेकर है। उनका कहना है कि कई स्टेशनों और साइडिंग में पर्याप्त शंटिंग स्टाफ उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कम समय में काम पूरा करने के लिए शॉर्टकट अपनाने का दबाव बनाया जाता है। लेकिन जब लोको पायलट सुरक्षा नियमों के मुताबिक काम करते हैं और ट्रेन में देरी होती है तो उन्हें ही ट्रांसफर या दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
बिजुरी के लोको पायलट एम.के. विभूति के ट्रांसफर का हवाला देते हुए कर्मचारियों ने दावा किया कि शंटिंग के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने के बावजूद उनका स्थानांतरण किया गया। वहीं, शहडोल के लोको पायलट ए.के. पाल के ट्रांसफर को भी कर्मचारियों ने रनिंग रूम में खाने की शिकायत से जोड़कर देखा है।
AILRSA के जोनल महासचिव वीके तिवारी ने बताया कि एक तरफ दुर्घटना होने पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाकर लोको पायलटों पर कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी ओर नियमों के अनुसार काम करने पर भी ट्रांसफर और दंड का सामना करना पड़ रहा है।
रनिंग रूम के खाने को लेकर भी शिकायत..
रनिंग स्टाफ ने रनिंग रूम में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार खाना खराब या कच्चा होने की शिकायत करने पर भी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि लगातार काम के दबाव के बीच ऐसी समस्याएं कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ा रही हैं।
कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद की कमी का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश करने पर भी कार्रवाई की धमकी मिलने की बात सामने आती है।
तीन लोको पायलटों को हार्ट अटैक का दावा..
रनिंग स्टाफ ने दावा किया है कि पिछले एक महीने में उनके तीन लोको पायलटों को हार्ट अटैक की घटना हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ता काम का दबाव और तनाव गंभीर चिंता का विषय है।
AILRSA के एच.सी. भदौरिया ने बताया कि बिजुरी में पिछले पांच दिनों से धरना चल रहा था। इसके बाद अब बिलासपुर, शहडोल, सूरजपुर, रायगढ़, ब्रजराजनगर, पेंड्रा और उसलापुर समेत मंडल की विभिन्न क्रू लॉबियों के सामने रनिंग स्टाफ ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक रेलवे प्रशासन उनकी समस्याओं पर बातचीत कर उचित समाधान नहीं निकालता, तब तक धरना जारी रहेगा। अब इस पूरे मामले में रेलवे प्रशासन का पक्ष महत्वपूर्ण होगा। कर्मचारियों के आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्टाफ की कमी, लंबे ड्यूटी ऑवर्स और सुरक्षा नियमों से जुड़े विवाद का समाधान आखिर कब निकलेगा।

