बिलासपुर। शहर में अपराध के साथ उसे सोशल मीडिया पर दिखाने और उसका जश्न मनाने का चलन पुलिस-प्रशासन के लिए नई चुनौती बनता नजर आ रहा है। सकरी थाना क्षेत्र के बजरंग पारा में चाकू लहराने के मामले में जेल भेजे गए दो युवकों की रिहाई के बाद सेंट्रल जेल बिलासपुर के बाहर फूल-मालाओं से स्वागत का वीडियो सामने आया। वीडियो वायरल होते ही मामला फिर सुर्खियों में आ गया। इसके बाद युवकों का माफी मांगते हुए एक और वीडियो सामने आया है। पूरे घटनाक्रम ने बिलासपुर में तेजी से बढ़ रहे ‘गैंगस्टर कल्चर’ और कानून के डर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, पूरा मामला बजरंग पारा में चाकू लहराने के वीडियो से शुरू हुआ था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सकरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा था, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही युवकों के स्वागत का वीडियो सामने आने से घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
जेल से निकले तो फूल-मालाओं से स्वागत, वीडियो ने बढ़ाई हलचल..
सेंट्रल जेल बिलासपुर के बाहर बनाए गए वीडियो में कुछ लोग दोनों युवकों का फूल-मालाओं से स्वागत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि जिस मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपियों को जेल भेजा, उसी मामले में रिहाई के बाद इस तरह का सार्वजनिक स्वागत आखिर क्या संदेश देता है।
पहले चाकू का वीडियो, फिर जश्न और अब माफी
मामला यहीं नहीं रुका..
स्वागत का वीडियो वायरल होने के बाद अब युवकों का माफी मांगते हुए एक और वीडियो सामने आया है। इसमें वे अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस और आम लोगों से माफी मांग रहे हैं। युवकों ने भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा नहीं करने और कानून का पालन करने की बात कही है।
पूरे घटनाक्रम ने एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा किया है। बिलासपुर में सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, दबंगई और अपराध से जुड़े वीडियो लगातार चर्चा में क्यों आ रहे हैं? अपराध करने के बाद जेल जाना पुलिस कार्रवाई का हिस्सा है, लेकिन जेल से बाहर निकलने पर जश्न का वीडियो सामने आना यह सवाल उठाता है कि युवाओं के बीच कानून का डर कितना कायम है।
माफी मांगने वाला वीडियो सामने आने के बाद युवकों ने अपनी गलती स्वीकार जरूर की है, लेकिन इस पूरे मामले ने बिलासपुर में पनप रहे कथित ‘गैंगस्टर कल्चर’ पर पुलिस की सख्ती और सोशल मीडिया पर अपराध के महिमामंडन को रोकने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

