सिरगिट्टी से हिरासत में लेकर रायपुर होल्डिंग सेंटर भेजे गए थे सभी लोग, मूल जिलों से दस्तावेजों की कराई गई जांच।
बिलासपुर। सिरगिट्टी इलाके में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में पकड़े गए 23 लोगों के मामले में पुलिस की जांच के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। दस्तावेजों और मूल जिलों से कराए गए सत्यापन में 19 लोगों के भारतीय नागरिक होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद सभी 19 लोगों को रायपुर के होल्डिंग सेंटर से रिहा कर दिया गया है। हालांकि, चार लोगों का मामला अभी जांच के दायरे में है।
दरअसल, एसटीएफ ने बीते 5 सितंबर को सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाले 23 लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया था। पुलिस को उनके बताए गए पते और दस्तावेजों को लेकर कुछ संदेह था। इसके बाद सभी को रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजकर उनके दस्तावेजों और पते की विस्तृत जांच शुरू की गई।
पुलिस ने इन लोगों के मूल जिलों में संपर्क कर उनकी पहचान और स्थायी निवास की जानकारी जुटाई। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा, जंगीपुर सहित संबंधित इलाकों की पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी जानकारी मांगी गई। जांच में 19 लोगों के परिवार, स्थायी पते और मतदाता सूची में नाम समेत कई रिकॉर्ड मिले। इन जानकारियों के आधार पर उनकी भारतीय नागरिकता की पुष्टि होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

वहीं चार लोगों की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। इनके दस्तावेजों में कुछ कमियां मिली हैं और स्थायी पते की पुष्टि भी नहीं हो सकी है। एसआईआर में नाम डिलीट होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इन मामलों में दोबारा दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि 19 लोगों की भारतीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है। चार लोगों का सत्यापन अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद इनके संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

