हाथियों से टकराव नहीं, अब दोस्ती की पहल.. सूरजपुर में शुरू हुआ ‘मोर हाथी मोर मितान’ अभियान..

सूरजपुर। जंगल से गांव की ओर आने वाले हाथियों और ग्रामीणों के बीच टकराव को कम करने के लिए सूरजपुर वन विभाग ने नई पहल शुरू की है। वनमंडल के ग्राम पंचायत खड़गवां में ‘मोर हाथी मोर मितान’ अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार और उनसे जुड़ी सुरक्षा सावधानियों के बारे में जागरूक करना है, ताकि इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रह सकें।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक शकुंतला पोर्ते ने किया। उन्होंने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष को रोकने में ग्रामीणों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि गांव या आसपास हाथी दिखाई देने पर खुद उनके करीब जाने या उन्हें परेशान करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें और विभाग की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे और अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार और उनकी गतिविधियों को समझने की जानकारी दी। हाथियों की मौजूदगी की सूचना वन विभाग तक कैसे पहुंचाई जाए, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में किन बातों का ध्यान रखा जाए और किन परिस्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए, इसकी भी जानकारी ग्रामीणों को दी गई।

वन विभाग ने ग्रामीणों से कहा कि हाथियों को खतरा समझकर उनके करीब जाने या उन्हें खदेड़ने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके आवागमन के रास्तों का सम्मान करने से मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में मदद मिल सकती है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों के साथ सुरक्षित और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, हाथी मित्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने हाथी संरक्षण और मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए जनभागीदारी का संकल्प लिया। इस दौरान विधायक ने ग्रामीणों को टॉर्च भी वितरित की, ताकि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रात के समय उनकी सुरक्षा में मदद मिल सके।

वन विभाग अब अभियान को अन्य हाथी प्रभावित और संवेदनशील गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में ग्राम चौपाल, जनजागरूकता कार्यक्रम और हाथी मित्रों के माध्यम से सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा। विभाग का फोकस समय पर सूचना मिलने, ग्रामीणों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को कम करने पर रहेगा।

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