बिलासपुर। स्मार्ट सिटी में तैयार हो चुके प्रोजेक्ट्स को लेकर अब सरकार का फोकस सिर्फ निर्माण पूरा करने पर नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय तक कैसे चलाया जाए और उनका बेहतर इस्तेमाल कैसे हो, इस पर है। स्मार्ट सिटी की प्रत्येक परियोजना के लिए अब अलग SOP तैयार की जाएगी। इसमें संचालन, रखरखाव, जिम्मेदारी और उपयोग की स्पष्ट व्यवस्था होगी। साथ ही परियोजनाओं से राजस्व जुटाने के विकल्प भी तलाशे जाएंगे। जिन प्रोजेक्ट्स में इसकी संभावना होगी, वहां PPP मॉडल पर भी काम किया जा सकता है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 20वीं बैठक में परियोजनाओं के भविष्य को लेकर यह दिशा तय की गई। बैठक में स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ उन परियोजनाओं के संचालन और उपयोग पर चर्चा हुई, जो तैयार हो चुकी हैं या आगे पूरी होंगी।

प्रोजेक्ट बने रहने के बाद कौन चलाएगा, कैसे चलेगा तय होगा..
स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के संचालन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया। इसके तहत हर प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी तय होगी और उसके संचालन व रखरखाव के लिए SOP तैयार की जाएगी। निर्धारित गाइडलाइन के मुताबिक काम कराने के साथ यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि परियोजनाओं का उपयोग लंबे समय तक प्रभावी तरीके से हो।
सुविधाओं के साथ राजस्व पर भी नजर..
बैठक में परियोजनाओं की उपयोगिता बढ़ाने के साथ उनसे राजस्व सृजन की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए अलग-अलग विकल्प तलाशे जाएंगे। जहां निजी भागीदारी उपयोगी हो सकती है, वहां PPP मॉडल की संभावना पर आगे काम करने को कहा गया है। यानी स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स को भविष्य में सिर्फ नागरिक सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि उनके संचालन की आर्थिक व्यवस्था के साथ भी देखा जाएगा।
ट्रेनिंग सेंटर से तैयार होगा कुशल स्टाफ..
परियोजनाओं के संचालन के लिए जरूरी मानव संसाधन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के साथ यह स्पष्ट करने को कहा गया कि किस परियोजना में किसकी क्या जिम्मेदारी होगी।

एजुकेशन हब के अकादमिक ब्लॉक पर भी चर्चा..
बैठक में एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक निर्माण के प्रस्ताव पर भी मंथन हुआ। उपलब्ध BSCL निधि से प्रस्तावित इस कार्य को संस्थागत स्थायित्व और बेहतर उपयोग की दृष्टि से आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसके अलावा जल संबंधी कार्यों और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रहे अन्य प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
वर्चुअल बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर, CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सुजीत कुमार, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे सहित बोर्ड के अन्य सदस्य और अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए।

