बिलासपुर। बिलासपुर की जीवनरेखा कही जाने वाली अरपा नदी की बदहाली मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले चिंता का विषय बन गई है। शहर के गंदे पानी, सीवेज और कचरे से प्रदूषित हो रही नदी को लेकर अरपा बचाओ अभियान और बिलासा कला मंच ने चिंता जताई है। संगठनों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से पचरी घाट तथा तोरवा घाट की तत्काल सफाई कराने के साथ अरपा भैंसाझार परियोजना से पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजन से पहले नदी और घाटों की सफाई सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन न करना पड़े।
शहर के नालों और सीवेज का पानी लगातार अरपा नदी में मिलने से प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। अभियान से जुड़े लोगों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिकाओं और प्रशासनिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया है कि बिलासपुर शहर का करीब 40 प्रतिशत गंदा पानी बिना उपचार के सीधे नदी में बहाया जा रहा है। लगभग 70 छोटे-बड़े नालों का पानी नदी में मिलने और जगह-जगह कचरा जमा होने से अरपा की स्थिति खराब हो रही है। ऐसे में प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले नदी की सफाई और जल प्रवाह बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
जूना बिलासपुर स्थित ऐतिहासिक पचरी घाट और तोरवा घाट पर प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद घाटों पर गंदगी और गाद जमा होने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। अरपा बचाओ अभियान के संयोजक और बिलासा कला मंच के संस्थापक डॉ. सोमनाथ यादव ने जिला प्रशासन और नगर निगम से दोनों घाटों की मशीनों के जरिए युद्धस्तर पर सफाई कराने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
डॉ. सोमनाथ यादव का कहना है कि प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले अरपा भैंसाझार परियोजना से पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाना चाहिए। नदी में जल प्रवाह बढ़ने से विसर्जन के दौरान बेहतर स्थिति बन सकती है। उन्होंने जल संसाधन विभाग से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि नदी में गंदे पानी और सीवेज का प्रवाह रोकने के लिए भी ठोस व्यवस्था जरूरी है, ताकि अरपा को प्रदूषण से बचाया जा सके।

उन्होंने विसर्जन के बाद प्रतिमाओं के अवशेष और ढांचे नदी में जमा न रहने देने की भी मांग की है। इसके लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती कर विसर्जन के तुरंत बाद घाटों और नदी से अवशेष हटाए जाने चाहिए। डॉ. यादव ने जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग और नगर निगम से आग्रह किया है कि मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले सफाई, सुरक्षा और पर्याप्त जल प्रवाह की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अरपा बिलासपुर की पहचान और जनभावनाओं से जुड़ी है, इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित न रहकर स्थायी प्राथमिकता होनी चाहिए।

