बिलासपुर। स्कूल-कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर अब प्रशासन की नजर और सख्त होगी। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास प्रतिबंधित तरीके से तंबाकू उत्पादों की बिक्री के मामलों में अब तक करीब 285 चालान किए जा चुके हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।

जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा), 2003 के प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा है।
प्रशासन का विशेष फोकस स्कूल और कॉलेजों के 100 गज के दायरे पर है। इस प्रतिबंधित क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शैक्षणिक संस्थानों में कोटपा अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत आवश्यक सूचना पटल लगाने और तंबाकू निषेध संबंधी नियमों का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

जिले में अब तक करीब 850 शैक्षणिक संस्थानों में धूम्रपान निषेध बोर्ड लगाए जा चुके हैं। प्रशासन ने शेष स्कूल-कॉलेजों में भी बोर्ड लगाने और नियमों के पालन की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि केवल बोर्ड लगाने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि संस्थानों के आसपास नियमित निगरानी भी की जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अलग-अलग विभाग आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने और जिले को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
285 चालानी कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने निगरानी और तेज करने की तैयारी कर ली है। ऐसे में स्कूल-कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।

