बिलासपुर। किसानों के लिए इस्तेमाल होने वाले कृषि आदानों की आड़ में चल रहे अवैध भंडारण का कृषि विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। तखतपुर विकासखंड के लोखंडी में बिना लाइसेंस कीटनाशक और जैव उत्प्रेरक खाद का भंडारण पकड़ा गया है। संयुक्त टीम ने मौके से करीब 30 से 35 लाख रुपये की सामग्री जब्त कर गोदाम सील कर दिया। जांच के लिए भेजे गए कीटनाशकों के सभी सात नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।
यह कार्रवाई कलेक्टर बिलासपुर और संचालक कृषि के निर्देश पर कृषि, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर की। टीम ने ग्राम लोखंडी में मुख्य मार्ग पर रामाघाट तालाब के पास स्थित परिसर में अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में कीटनाशक और जैव उत्प्रेरक खाद का भंडारण मिला।

जांच में सामने आया कि संबंधित स्थान पर कीटनाशकों के विक्रय और भंडारण के लिए कृषि विभाग से कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं ली गई थी। विभाग के मुताबिक, न तो इसके लिए आवेदन किया गया था और न ही कार्यालय को इस संबंध में कोई जानकारी दी गई थी।
मौके पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने सामग्री के विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी और गोदाम में रखी पूरी सामग्री को जब्त कर परिसर सील कर दिया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है।

मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद कीटनाशकों के नमूने जांच के लिए राज्य कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला, राजनांदगांव भेजे गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग की कार्रवाई और गंभीर हो गई। प्रयोगशाला में भेजे गए सभी सात नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के विपरीत पाए गए।
बिना लाइसेंस कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक खाद का भंडारण करने के मामले में कृषि विभाग की शिकायत पर सकरी थाने में धारा 286 के तहत आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
कृषि विभाग ने साफ किया है कि जिले में कृषि आदानों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री के खिलाफ निरीक्षण और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि बीज, उर्वरक और कीटनाशक केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और हर खरीद का बिल जरूर लें।

