बिलासपुर। नगर निगम में संपत्ति कर वसूली को लेकर वार्ड क्रमांक 4 के रहवासियों ने गंभीर शिकायत की है। उनका आरोप है कि संपत्ति कर की रसीद में जितनी राशि दर्ज की गई, उससे कहीं अधिक रकम उनसे वसूली गई। एक मामले में करीब 7 हजार रुपये की रसीद काटकर 20 हजार रुपये लेने की शिकायत की गई है। यानी रसीद में दर्ज रकम से करीब 13 हजार रुपये ज्यादा लेने का आरोप है।

मामले की शिकायत लेकर वार्ड के करीब सात रहवासी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। रहवासियों का कहना है कि संपत्ति कर जमा करने के दौरान उनसे तय राशि से अधिक पैसे मांगे और लिए गए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने रसीद में दर्ज राशि से ज्यादा रकम देने से इनकार किया तो उन्हें घरों पर बुलडोजर चलाने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि इस मामले की जानकारी स्थानीय पार्षद को भी दी गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने निगम मुख्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत की।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि वार्ड क्रमांक 4 में संबंधित अवधि के दौरान हुई संपत्ति कर वसूली की जांच की जाए और जारी की गई रसीदों का निगम में जमा रकम से मिलान कराया जाए। उनका कहना है कि इस जांच से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कहीं दूसरे लोगों से भी रसीद में दर्ज राशि से अधिक रकम तो नहीं ली गई है।
शिकायत मिलने के बाद निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जोन कमिश्नर स्तर पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच में यदि किसी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले नगर निगम की संपदा शाखा में एक क्लर्क के रिश्वत लेते पकड़े जाने का मामला भी सामने आ चुका है। ऐसे में संपत्ति कर वसूली में रसीद से अधिक रकम लेने की शिकायत ने निगम की राजस्व वसूली व्यवस्था और मैदानी स्तर पर निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

