रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के बीएससी एग्रीकल्चर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में दुर्ग के भारती कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया को पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोप है कि प्रोफेसर ने परीक्षा के प्रश्नपत्र छात्रों को पैसे लेकर बेचे। पुलिस ने इस मामले में प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामला तब सामने आया, जब परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले कीट विज्ञान का प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप पर वायरल हो गया। प्रश्नपत्र वायरल होते ही विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी। कवर्धा और बिलासपुर के कॉलेजों से मिली शिकायत के बाद तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की तलाश शुरू की।
11 हजार में एक पेपर, 12 हजार में पांच छात्रों को दूसरा..
सेंट्रल साइबर क्राइम रायपुर के DCP स्मृतिक रजनाला के मुताबिक, जबलपुर निवासी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने 7 अगस्त को हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र 11 हजार रुपए में छात्रों को बेचा था। इसके बाद 20 अगस्त को होने वाले पेपर का पांच छात्रों से 12 हजार रुपए में सौदा किया गया। पुलिस अब इस लेन-देन से जुड़े लोगों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
सीलबंद लिफाफे में छेद कर एंडोस्कोपी कैमरे से करता था स्कैन..
पेपर लीक करने के लिए आरोपी ने ऐसा तरीका अपनाया, जिसकी पुलिस जांच में भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मेडिकल जांच में इस्तेमाल होने वाले एंडोस्कोपी कैमरे की मदद से सीलबंद प्रश्नपत्र के लिफाफे में छोटा सा छेद करता था। इसके बाद कैमरे के जरिए अंदर रखे प्रश्नपत्र को स्कैन कर उसकी जानकारी हासिल करता था। बाद में प्रश्नपत्र की जानकारी हाथ से लिखकर संबंधित छात्रों तक पहुंचाई जाती थी और बदले में उनसे पैसे लिए जाते थे।
दुर्ग से निकला पेपर, कवर्धा पहुंचा और फिर व्हाट्सएप पर हुआ वायरल..
जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र दुर्ग से कवर्धा तक पहुंचा और इसके बाद अलग-अलग WhatsApp ग्रुपों के जरिए छात्रों तक फैल गया। नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस ने रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बाइट: स्मृतिक रजनाला, (DCP, सेंट्रल साइबर क्राइम, रायपुर कमिश्नरेट)
मोबाइल और डिजिटल सबूत जब्त, अब पूरे नेटवर्क की जांच..
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन सहित कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। अब इनकी जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर निकला, इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया और इस पूरे खेल में कितने पैसे का लेन-देन हुआ। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर मामले में कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।
CM साय बोले – जांच में जो भी दोषी मिला, उस पर होगी कार्रवाई..
IGKV पेपर लीक मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मामले में मुख्य आरोपी सहित छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति इस मामले में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
बाइट: विष्णुदेव साय, (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)

