पीले वस्त्रों में शामिल हुईं महिलाएं, पुष्प वर्षा कर ग्रामीणों ने किया स्वागत; स्वर्गीय विनोद निर्मलकर की स्मृति में हो रहा आयोजन।
बिलासपुर। ग्राम मेण्ड्रा में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे गांव में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
कलश यात्रा के दौरान महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर कलश रखकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से कथावाचक पंडित नरेश कुमार तिवारी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सत्कर्मों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का माध्यम है।
आयोजकों ने बताया कि कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से हरि इच्छा तक किया जाएगा, जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

यह धार्मिक आयोजन स्वर्गीय विनोद निर्मलकर की पुण्य स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य यजमान मुकेश-राधिका, संतोषी रजक, विन्दाप्रसाद, सरोज, सालिक, परदेशी, लक्ष्मीनाथ, धर्मेंद्र, सुनील, रूपेश, आशीष, अमित, महेंद्र और जितेंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं स्वजन उपस्थित रहे।


