बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में अपने कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। संगठन का दावा है कि इन दो वर्षों में उसने सराफा कारोबार से जुड़े छोटे और बड़े व्यापारियों को एक मंच पर लाने के साथ उनके हितों की रक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब संगठन तीसरे वर्ष में नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
इसी क्रम में बिलासपुर जिला सराफा एसोसिएशन प्रदेश स्तरीय सराफा महासम्मेलन और तीसरी आम सभा के आयोजन की तैयारियों में जुटा हुआ है। इससे पहले यह आम सभा जगदलपुर और जांजगीर में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है। अब पहली बार बिलासपुर को इस बड़े आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है।

60 से बढ़कर 91 हुईं संगठन की इकाइयां..
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि संगठन लगातार मजबूत हो रहा है। पहले प्रदेश में सराफा एसोसिएशन की केवल 60 इकाइयां थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 91 हो गई है। संगठन का अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में 251 इकाइयों का गठन कर हर छोटे-बड़े सराफा व्यापारी को एक मजबूत और संगठित मंच से जोड़ना है।
सुरक्षा और जागरूकता पर विशेष फोकस..
पिछले दो वर्षों में एसोसिएशन ने व्यापारियों और ग्राहकों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए कई जागरूकता अभियान चलाए। साथ ही व्यापारियों की सुरक्षा, पारदर्शी कारोबार और डिजिटल सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
कमल सोनी ने कहा कि कुछ बड़े कॉर्पोरेट ज्वेलर्स द्वारा ‘0% मेकिंग चार्ज’ जैसे आकर्षक विज्ञापन दिखाकर ग्राहकों को भ्रमित किया जाता है। उन्होंने लोगों से ऐसे दावों को समझदारी से परखने और पूरी जानकारी लेने के बाद ही खरीदारी करने की अपील की।
संगठन का कहना है कि पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों के आधार पर अब तीसरे वर्ष में नए लक्ष्य तय किए गए हैं, जिनमें संगठन का विस्तार, व्यापारियों की सुरक्षा, जागरूकता अभियान और सराफा कारोबार को और अधिक मजबूत बनाना प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी।

