रायपुर। कांग्रेस के बड़े संगठनात्मक फेरबदल के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल की जिम्मेदारी बदलते हुए उन्हें असम का राष्ट्रीय महासचिव सह प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रभार सुखदेव भगत को सौंपा गया है। कांग्रेस के इस फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशाना साधते हुए इसे भूपेश बघेल के पुराने प्रभार से जोड़ दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता जहां भी जाते हैं, वहां गुटबाजी करते हैं। साय ने भूपेश बघेल के पंजाब प्रभारी रहने के दौरान हुए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि शायद इसी वजह से उनका प्रभार बदल दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस अंग्रेजों की नीति, फूट डालो और राज करो, की नीति पर काम करती है। ये जहां भी जाते हैं, गुटबाजी करते हैं। भूपेश बघेल जी जब पंजाब के प्रभारी थे, तो उनका वहां विरोध हुआ था। शायद इसी का नतीजा है कि उनका प्रभार प्रदेश बदल दिया गया है।”
दरअसल, कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने के उद्देश्य से कई राज्यों के प्रभारियों में बदलाव किया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद नई नियुक्तियों का ऐलान किया।
नई जिम्मेदारियों में भूपेश बघेल को असम का राष्ट्रीय महासचिव सह प्रभारी बनाया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन की जिम्मेदारी अब सुखदेव भगत संभालेंगे। इस बदलाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की आगे की रणनीति पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण राज्यों में भी संगठनात्मक बदलाव किए हैं। वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का जनरल सेक्रेटरी इन-चार्ज बनाया गया है। उन्हें कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं, सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महाराष्ट्र में डॉक्टर सिरिवेल्ला प्रसाद को नया प्रभारी बनाया गया है, जबकि आंध्र प्रदेश की संगठनात्मक जिम्मेदारी पीवी मोहन को दी गई है। पार्टी का कहना है कि इन नियुक्तियों के जरिए संगठन को और मजबूत करने तथा आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने पर फोकस किया जा रहा है।
कांग्रेस के फेरबदल के बाद अब छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चर्चा भूपेश बघेल की नई जिम्मेदारी और प्रदेश प्रभारी के बदलाव को लेकर है। इसी बीच मुख्यमंत्री साय के बयान ने इस राजनीतिक फेरबदल को और सुर्खियों में ला दिया है।

