जर्जर भवन और अवैध शराब पर CM साय का बड़ा एक्शन प्लान.. लापरवाही हुई तो अफसरों पर गिरेगी गाज, सभी जिलों में सेफ्टी ऑडिट के आदेश। पढ़िये पूरी खबर..

सभी जिलों में सुरक्षा जांच के निर्देश, दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब रोकने सीमावर्ती क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर बढ़ेगी निगरानी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन किसी हादसे के बाद जागने के बजाय खतरे की पहले पहचान करे और समय रहते उसे खत्म करे। जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, एसपी और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने प्रदेशभर में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण और सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां मिलें, वहां सुधार के लिए समय-सीमा तय की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि तय समय में कमियां दूर हों। कलेक्टर और एसपी खुद इसकी निगरानी करें और शासन के निर्देशों का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

पुराने-जर्जर भवनों की होगी जांच, खतरा मिला तो तत्काल कार्रवाई..

मुख्यमंत्री ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद पुराने व जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन भवनों से किसी तरह की जनहानि की आशंका है, उन्हें चिन्हित कर बिना देरी आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि खासकर बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। प्रशासन को लगातार निगरानी की व्यवस्था बनानी होगी, ताकि संभावित खतरे को हादसे में बदलने से पहले ही रोका जा सके।

अवैध-मिलावटी शराब पर पुलिस-आबकारी की संयुक्त कार्रवाई..

मुख्यमंत्री साय ने अवैध और मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, आबकारी विभाग और जिला प्रशासन को मिलकर कार्रवाई करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी अवैध शराब बनाने, रखने, बेचने या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीम बनाकर छापेमारी की जाए। पुलिस और आबकारी विभाग आपस में सूचनाएं साझा करते हुए कार्रवाई करें और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब पर कसेगा शिकंजा..

मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण या मिलावट में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।

लापरवाही पर अफसरों की तय होगी जवाबदेही..

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी कलेक्टरों और एसपी को निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई शुरू करें और अपने-अपने जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी करें।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles