PM आवास में खामियां मिलीं तो प्रमुख सचिव सख्त.. 15 दिन की डेडलाइन, 50 ई-बसों की तैयारी भी तेज..

बिलासपुर। शहर में चल रहे प्रधानमंत्री आवास और पीएम ई-बस सेवा के निर्माण कार्यों की प्रगति अब सीधे शासन की निगरानी में है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने मंगलवार को सकरी और कोनी पहुंचकर दोनों परियोजनाओं का निरीक्षण किया। निर्माण में मिली कमियों पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सुधार करने और अधूरे काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

सकरी में करीब 11.75 करोड़ रुपये की लागत से बने 261 प्रधानमंत्री आवासों का निरीक्षण करते हुए बोरा ने फिनिशिंग कार्यों की स्थिति देखी। कई आवासों में फ्लोर पर टाइल्स नहीं लगने और फिनिशिंग अधूरी मिलने पर उन्होंने निर्माण एजेंसी और नगर निगम के इंजीनियरों से जानकारी ली। उन्होंने किचन और प्लेटफॉर्म के आकार के साथ इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री की भी जानकारी ली।

उन्होंने आवासीय परिसर में बाउंड्रीवाल के लिए प्रस्ताव तैयार करने, साफ-सफाई बेहतर रखने, सामुदायिक भवन की व्यवस्था करने और लोगों व बुजुर्गों के लिए बैठने की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बच्चों के लिए खेल क्षेत्र विकसित करने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 दिन बाद दोबारा काम की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

12 रूट पर दौड़ेंगी 50 एसी ई-बसें..

प्रमुख सचिव ने कोनी स्थित सिटी बस डिपो में पीएम ई-बस सेवा के तहत बन रहे टर्मिनल कॉम्प्लेक्स, सब-स्टेशन और चार्जिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए बस स्टॉप को व्यवस्थित करने और डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि यात्रियों को बसों के समय और रूट की जानकारी आसानी से मिल सके।

बिलासपुर के लिए 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत हैं। इनमें 9 मीटर की 35 और 7 मीटर की 15 बसें शामिल हैं। ई-बस संचालन के लिए कोनी में टर्मिनल, सब-स्टेशन और चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिए 11.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सिविल निर्माण का करीब 70 प्रतिशत और सब-स्टेशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

ई-बसें शहर के 12 प्रमुख मार्गों पर चलेंगी। रूट तय करते समय स्कूल-कॉलेज, औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों तथा हाईकोर्ट तक आवागमन को ध्यान में रखा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनल में कैफेटेरिया और रैन बसेरा विकसित करने की भी योजना है।

निरीक्षण के दौरान सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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