बिलासपुर। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे के दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यशवंतपुर-कोरबा वेनगंगा एक्सप्रेस के B4 एसी कोच में एक शराबी यात्री ने जमकर हंगामा मचाया। वह कोच के दरवाजे पर उत्पात करता रहा और यात्रियों के सामान तक फेंकने लगा। अचानक हुए इस हंगामे से कोच में सफर कर रहे यात्रियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, शराब के नशे में धुत युवक ने एसी कोच में काफी देर तक हंगामा किया। उसकी हरकतों से परेशान यात्रियों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी। युवक की गतिविधियां इतनी उग्र थीं कि यात्रियों के सामान को भी नुकसान पहुंचाया। हालात बिगड़ते देख यात्रियों और ट्रेन स्टाफ ने मिलकर युवक पर काबू पाया।
इस घटना में सबसे गंभीर सवाल ट्रेन में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मौजूदगी को लेकर उठ रहे हैं। आरोप है कि हंगामे के दौरान घंटों तक आरपीएफ का कोई स्टाफ मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में यात्रियों और ट्रेन स्टाफ को ही स्थिति संभालनी पड़ी।
ट्रेन में सफर करने वाले यात्री बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की उम्मीद करते हैं। खासकर एसी कोच में इस तरह की घटना सामने आने से रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। यदि कोई यात्री नशे में दूसरे यात्रियों को परेशान करता है, उनका सामान फेंकता है और लंबे समय तक हंगामा करता रहता है, तो समय पर सुरक्षा कर्मियों का हस्तक्षेप बेहद जरूरी हो जाता है।
वायरल वीडियो ने इस घटना को चर्चा में ला दिया है। अब सवाल यह है कि ट्रेन में हंगामे की सूचना मिलने पर सुरक्षा कर्मियों ने क्या कार्रवाई की और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे क्या कदम उठाएगा। यात्रियों की सुरक्षा केवल दावों तक सीमित न रहे, इसके लिए ट्रेनों में प्रभावी निगरानी और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।

