जीजीवी में सीबीडीई पर राष्ट्रीय मंथन: 17 संस्थानों के विशेषज्ञों ने साझा किए नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल..

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में 23 और 24 फरवरी 2026 को सीबीडीई (कॉम्पिटेंसी-बेस्ड डिज़ाइन एजुकेशन) की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम में देश के 17 प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षाविद, वरिष्ठ प्रोफेसर, उद्योग विशेषज्ञ, उद्यमी-मार्गदर्शक और अन्य संबंधित प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी भिलाई, आईआईएसईआर तिरुपति, आईआईआईटीडीएम चेन्नई, केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु, एनआईटी मेघालय, एनआईटी अगरतला, एनआईटी जमशेदपुर और एनआईटी राउरकेला प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यशाला का उद्देश्य नई और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, संस्थागत सुधारों पर चर्चा करने और सीबीडीई कार्यक्रम को मजबूत बनाने की रणनीति तैयार करना था। इस मौके पर प्रतिभागियों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ अनुभवात्मक और डिज़ाइन आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाया जा सकता है।

कार्यशाला में “द रोडमैप गैलरी क्रिटिकल पाथ वॉक” (पोस्टर प्रस्तुति), “पेडागॉजी एंड डिलीवरी द सिलेबस बनाम द टेरेन” और “ड्राइवर्स ऑफ एडॉप्शन द स्पेक्ट्रम वॉक” जैसे सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में शिक्षण पद्धति को अधिक व्यावहारिक और छात्र-केन्द्रित बनाने पर जोर दिया गया।

कार्यशाला का नेतृत्व सुधीर वरदराजन, कार्यक्रम निदेशक, सीबीडीई (शिक्षा मंत्रालय की पहल) ने किया। आयोजन प्रो. रत्नेश सिंह (प्रधान अन्वेषक) और प्रो. टी. वी. अर्जुनन (सह-प्रधान अन्वेषक) के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में जीजीवी के संकाय सदस्यों और छात्र स्वयंसेवकों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles